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Friday, May 27, 2011

सीख बुद्ध की

जीवन तभी बदलता है, जब उसके लिए प्रयास किए जाएं। यह बात कैसे समझाई गौतम बुद्ध ने अपने शिष्य को.. देश भ्रमण करते हुए एक बार भगवान बुद्ध ने एक नदी के तट पर डेरा डाला। बुद्ध जीवन के विभिन्न आयामों पर रोज व्याख्यान देने लगे, जिन्हें सुनने दूर-दूर के गांव के लोग आने लगे। बुद्ध के प्रवचनों में प्रवाह था, तत्व ज्ञान था तथा जीवन का सार छिपा हुआ था। उनकी वाणी से श्रोता मंत्रमुग्ध हो जाते थे।

तथागत के भक्तों में समीप के गांव का एक निवासी भी था। वह बिना नागा उनके व्याख्यान सुनता था। यह क्रम महीनों तक चलता रहा। परंतु उस व्यक्ति ने अपने अंदर कोई बदलाव नहीं पाया। वह बहुत निराश हो गया। एक दिन प्रवचन के बाद जब सब लोग चले गए, तो वह व्यक्ति बुद्ध के पास जाकर बोला-भगवन, मैं लंबे समय से लोभ इत्यादि छोड कर अच्छा इंसान बनने के आपके प्रवचन सुनता आया हूं। उन्हें सुनकर मैं उत्साह से भर जाता हूं। परंतु इन बातों से मुझमें बदलाव नहीं आ रहा है।

उसकी बातें सुनकर बुद्ध मुस्कुराए। उन्होंने स्नेह से उस व्यक्ति के सिर पर हाथ फेरा और बोले वत्स, तुम कौन से गांव से आए हो उसने जवाब दिया, भगवन, मैं पिपली गांव से आया हूं। बुद्ध ने फिर पूछा, यह गांव इस स्थान से कितनी दूर है? उसने कहा, करीब दस कोस। बुद्ध ने पुन: प्रश्न किया, तुम यहां से अपने गांव कैसे जाते हो? वह व्यक्ति बोला-गुरुदेव, मैं पैदल ही जाता हूं, परंतु आप ऐसा क्यों पूछ रहे हैं? बुद्ध ने उसकी बातों को अनसुना कर फिर पूछा-क्या ऐसा संभव है कि तुम यहां बैठे-बैठे अपने गांव पहुंच जाओ? उस व्यक्ति ने झुंझलाकर उत्तर दिया ऐसा तो बिल्कुल भी संभव नहीं है। वहां पहुंचने के लिए मुझे पैदल चलकर जाना ही होगा।

बुद्ध ने कहा, तुम्हें तुम्हारे प्रश्न का उत्तर मिल गया होगा। यदि तुम्हें अपने गांव का रास्ता पता है, उसकी जानकारी भी है, परंतु इस जानकारी को व्यवहार में लाए बिना, प्रयत्न किए बिना, पैदल चले बिना तुम वहां नहीं पहुंच सकते। उसी प्रकार यदि तुम्हारे पास ज्ञान है और तुम इसको अपने जीवन में अमल में नहीं लाते हो, तो तुम अपने आप को बेहतर इंसान नहीं बना सकते। ज्ञान को व्यवहार में लाना आवश्यक है। इसके लिए तुम्हें स्वयं दृढ निश्चय के साथ निरंतर प्रयास करने होंगे तथा सीखी गई बातों को जीवन की विभिन्न स्थितियों में निरंतरता के साथ प्रयोग में लाना होगा, वास्तव में तभी तुम अपने जीवन में परिवर्तन महसूस कर सकते हो। उसे बुद्ध की बात अच्छी तरह से समझ में आ गई।